साइबर क्राइम क्या है और Cyber Crime के प्रकार व परिभाषा

साइबर क्राइम के बारे में हम सभी ने सुना है पर यह Cyber Crime kya hai, Cyber Crime क्या होता है और यह कैसे  होते हैं। किन-किन तरीकों से किए जाते हैं इसकी जानकारी शायद ही सभी लोगों  को पता होती है जिस वजह से अक्सर ही लोगों को साइबर क्राइम का शिकार बना लिया जाता है और उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसलिए आज के इस दौर में जहां अधिकतर आबादी इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी हुई है  कंप्यूटर और मोबाइल जैसे माध्यमों के द्वारा उन्हें  साइबर क्राइम की जानकारी होना अति आवश्यक हो जाता है ताकि इस अपराध के शिकार होने से खुद को बचा सके आइए आगे विस्तार से साइबर अपराध को समझे- 

cyber crime kya hai

Cyber crime meaning

Cyber – कई डिवाइसों को एक साथ जोड़कर इंटरनेट के माध्यम से नेटवर्क बनाना Cyber कहलाता है।

Crime –  गैर कानूनी तरीके से किया गया काम अपराध Crime कहलाता है।

” कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से किया गया गैर कानूनी कार्य को Cyber Crime कहते हैं। “

Cyber crime Define

साइबर क्राइम ऐसे अपराध होते हैं जिन्हें गैरकानूनी तरीके से कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट का प्रयोग करके किया जाता है। इंटरनेट को गैर कानूनी रूप से हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है और Cyber Crime को इलेक्ट्रॉनिक अपराध के नाम से भी जाना जाता है।

साइबर क्राइम तीन प्रकार की स्थिति में किए जाते हैं-

  1. किसी व्यक्ति विशेष पर! होने वाले अपराध! जिसके अंतर्गत Cyber stalking, credit card धोखाधड़ी, पहचान की चोरी, मानव तस्करी, child pornography का वितरण, cyber उत्पीड़न, ऑनलाइन बदनाम करने जैसे क्राइम आते हैं। 
  2.  किसी संस्था या  संपत्ति पर होने वाले अपराध जिसके अंतर्गत!  हैकिंग,  वायरस अटैक, कॉपीराइट उल्लंघन, IPR उलंघन जैसे अपराध शामिल हैं।
  3.  सरकार पर होने वाले अपराध जिसके अंतर्गत सरकारी सर्वर का डाटा चुराना,सरकारी वेबसाइट को हैक करना जैसे अपराध शामिल हैं।

इसे भी पढ़े – 

सूचना संचार प्रौद्योगिकी क्या है | ICT in Hindi

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है? Artificial Intelligence in hindi

Cyber Crime के प्रकार 

साइबर क्राइम को कई प्रकारों से अंजाम दिया जाता है जिनके बारे में हम यहां एक के बाद एक समझेंगे ।आइए जानते हैं  Cyber Crime Types –

  1. Cyber stalking (साइबर स्टॉकिंग) –  stalking का मतलब होता है पीछा करना अर्थात किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन में! साइबर नेटवर्क के जरिए दखल देना! उनके इच्छा के विरुद्ध जाकर व्यक्तिगत जानकारी लीक करना, उनके परिजनों को ईमेल या SMS  भेज परेशान करना जैसे कार्य साइबर स्टॉकिंग कहलाता है।
  2. Phishing (फिसिंग) – किसी की व्यक्तिगत जानकारी या वित्तीय जानकारी को प्राप्त करने के लिए झूठे और लुभावने  ईमेल भेजना! साथ ही ईमेल के जरिए यूजर नेम, लॉगिन आईडी, पासवर्ड जानकर! उपयोगकर्ता को क्षति पहुंचाना जैसे- पैसों का गमन या ऐसे ही  अपराध फिसिंग कहलाते  है। 
  3. Intellectul Property Theft (बौद्धिक संपदा की चोरी) –  बौद्धिक संपदा वह होती है जिसे आपने अपनी काबिलियत के बदौलत बनाया या आविष्कार किया हो और साथ ही उसे पेटेंट या कॉपीराइट के साथ संरक्षित किया हो।  कंप्यूटर नेटवर्क के जरिए इसे चुराकर खुद उस जानकारी के मालिक होने का दावा करना या किसी और को बेच देना साइबर क्राइम के अंतर्गत आता है।
  4. Identity Theft (आईडेंटिटी थेफ्ट) – किसी और के पहचान की चोरी कर उसका नाम इस्तेमाल कर अपराध करना  Identity Theft कहलाता है।
  5. Spam ( स्पैम) – इंटरनेट का प्रयोग करके अवैध रूप से अनेकों व्यक्तियों को भेजा गया मेल और Ads  Spam कहलाता है।
  6. Spoofing (स्पूफिंग) – इसमें अपराधी हमारे कंप्यूटर, मोबाइल के IP पते के साथ एक वायरस प्रोग्राम भेजता है! जिसे हमारे द्वारा open करते ही अपराधी को! हमारे कंप्यूटर, मोबाइल की सभी डाटा, फाइलों की एक्सेस मिल जाती है इस तकनीक का प्रयोग अधिकतर हैकर करते हैं। 
  7. Computer Virus (कंप्यूटर वायरस) – यह एक प्रकार का Malware प्रोग्राम होता है! और छोटे प्रोग्राम होते हैं जिसे एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डाला जाता है या कंप्यूटर पर किसी डाटा डिवाइस के द्वारा भी डाला जाता है इससे कंप्यूटर पर मौजूद डाटा या हार्डवेयर (मेमोरी) को नुकसान पहुंचाया जाता है।  वायरस सही समय पर अपने आप को कॉपी करके पूरे सिस्टम में फैल जाते हैं और यूजर्स के अनुमति या ज्ञान के बिना ही कंप्यूटर सिस्टम को संक्रमित कर देते हैं और साथ ही डाटा भी चुरा लेते हैं
  8. सलामी तकनीक – कंप्यूटर इंटरनेट के माध्यम से संभाली गई धनराशि के बड़े हिस्सों से छोटे छोटे हिस्से को अलग कर निकालना सलामी तकनीक कहलाता है
  9. Root kits – यह एक प्रकार का वायरस है जिसके द्वारा किसी भी कंप्यूटर में Administrative स्तर की नियंत्रितता प्राप्त की जा सकती है इस वायरस को निकालना मुश्किल होता है और साथ ही कंप्यूटर को फिर इंस्टॉलेशन की आवश्यकता पड़ती है 
  10. Adwear (एडवेयर) – एडवेयर  Malware का एक समूह है जो  popup message को उत्पन्न करने के लिए जाना जाता है लुभावने Ads का उपयोग करके हैकर एक सॉफ्टवेयर बनाता है जब कोई यूजर उस सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करता है तब हैकर इस सॉफ्टवेयर की मदद से यूजर के कंप्यूटर को एक्सेस कर लेता है फिर या तो Important data या फाइल्स को डिलीट कर देता है या फिर डाटा चोरी कर लेता है।
  11. Trojan horse ( ट्रोजन हॉर्स) – ट्रोजन हॉर्स भी एक तरह का  Malware प्रोग्राम है! जो खुद को हानि रहित या उपयोगी सॉफ्टवेयर के रूप में प्रस्तुत करता है! ट्रोजन हॉर्स हमारे सिस्टम को कंट्रोल कर लेता है! ट्रोजन हॉर्स अन्य वायरस की तरह अपनी कॉपी तो क्रिएट नहीं कर सकते परंतु यह वायरस को सिस्टम पर इंस्टॉल कर सकता है एक ट्रोजन सिस्टम की फाइल तथा डाटा को डिलीट कर सकता है महत्वपूर्ण इंफॉर्मेशन तथा पासवर्ड को चुरा सकता है और साथ ही सिस्टम को Lock कर सकता है।
  12. Ransomware – यह एक तरह का वायरस होता है जो अपराधियों के द्वारा लोगों के कंप्यूटर और सिस्टम पर हमला करने के लिए काम आता है यह कंप्यूटर में स्टोर फाइलों को काफी नुकसान पहुंचाता है फिर उसके बाद अपराधी ने जिस किसी के कंप्यूटर को इस तरह से खराब किया होता है उससे पैसों की मांग करता है और मांग पूरी होने पर ही उसे छोड़ता है।

 निष्कर्ष

अब तक हमने Cyber Crime से संबंधित जानकारियां प्राप्त की जिसमें Cyber Crime होता क्या है, Cyber Crime Meaning , Define, और Types के बारे में जाना साथ ही हमने इस बात की गहराई को भी समझा कि Cyber Crime की जानकारी ना होना हमारे लिए कितना घातक साबित हो सकता है। उम्मीद है आपको यहां दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी । इसको अपने परिजनों के साथ शेयर करें और होने वाले Cyber Crime से सचेत करें।

 

कम्प्युटर वाइरस की खोज किसने की है?

कंप्यूटर वायरस की खोज पाकिस्तान ने की थी।

साइबर अपराध में क्या क्या आता है?

साइबर क्राइम तीन प्रकार की स्थिति में किए जाते हैं-
1. किसी व्यक्ति विशेष पर! होने वाले अपराध! जिसके अंतर्गत Cyber stalking, credit card धोखाधड़ी, पहचान की चोरी, मानव तस्करी, child pornography का वितरण, cyber उत्पीड़न, ऑनलाइन बदनाम करने जैसे क्राइम आते हैं। 
2. किसी संस्था या  संपत्ति पर होने वाले अपराध जिसके अंतर्गत!  हैकिंग,  वायरस अटैक, कॉपीराइट उल्लंघन, IPR उलंघन जैसे अपराध शामिल हैं।
3. सरकार पर होने वाले अपराध जिसके अंतर्गत सरकारी सर्वर का डाटा चुराना,सरकारी वेबसाइट को हैक करना जैसे अपराध शामिल हैं।

साइबर क्राइम कितने प्रकार के होते हैं?

साइबर क्राइम को कई प्रकारों से अंजाम दिया जाता है-
1. Cyber stalking (साइबर स्टॉकिंग) –  stalking का मतलब होता है पीछा करना।
2. Phishing (फिसिंग) – किसी की व्यक्तिगत जानकारी या वित्तीय जानकारी को प्राप्त करने के लिए झूठे और लुभावने  ईमेल भेजना।
3. Intellectul Property Theft (बौद्धिक संपदा की चोरी)
4. Identity Theft (आईडेंटिटी थेफ्ट) – किसी और के पहचान की चोरी कर उसका नाम इस्तेमाल कर अपराध करना।
5. Spam ( स्पैम) – इंटरनेट का प्रयोग करके अवैध रूप से अनेकों व्यक्तियों को भेजा गया मेल और Ads।
6. Computer Virus (कंप्यूटर वायरस)
7. सलामी तकनीक – कंप्यूटर इंटरनेट के माध्यम से संभाली गई धनराशि के बड़े हिस्सों से छोटे छोटे हिस्से को अलग कर निकालना।
8. Adwear (एडवेयर)
9. Trojan horse ( ट्रोजन हॉर्स)
10. Ransomware
11. Root kits

साइबर क्राइम क्या है?

साइबर क्राइम ऐसे अपराध होते हैं जिन्हें गैरकानूनी तरीके से कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट का प्रयोग करके किया जाता है। इंटरनेट को गैर कानूनी रूप से हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है और Cyber Crime को इलेक्ट्रॉनिक अपराध के नाम से भी जाना जाता है।

Share us friends

Leave a Comment