Diwali 2023: Diwali kab hai, तारीख व मुहूर्त

Google News Follow

हेलो दोस्तों आप सभी का इस पोस्ट मे स्वागत  है आज हम जनेगे की 2023 में diwali kab hai? दिवाली का सुभ मुहूर्त कब है। दोस्तो अगर आप भी यह जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़े। दीपावली हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है। दीपावली को दिवाली के नाम से भी जानते हैं, दीपावली धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज पर समाप्त होता है। दीपावली 5 दिनों तक चलने वाला त्यौहार है यह भारत और नेपाल समेत दुनिया के कई देशों में मनाया जाता है।

Content of table show

Diwali kab hai

इस त्योहार को भारत मे सभी धर्म के लोग मानते है, दीपावली को दीप उत्सव भी कहा जाता है क्योंकि दीपावली का मतलब होता है दीपों की पंक्ति दिवाली का त्यौहार अंधकार पर प्रकाश की जीत को प्रकट है। 

दिवाली कब मनाई जाती है

दीपावली कार्तिक मास के अमावस्या के दिन प्रदोष काल होने पर यह दीपोत्सव का त्योहार बड़े धूम धाम से मनाया जाता है। 

Diwali kab hai 2023

दोस्तों इस बार दिवाली 12 नवंबर 2023 दिन रविवार को मनाया जाएगा। अमावस्या तिथि की शुरुआत 12 नवंबर दोपहर 02:44 से होगी और तिथि की समाप्ति 13 नवंबर दोपहर 02:56 पर होगी।

अब जानते है कि  दिवाली के पुजा का शुभ मुहूर्त कब है।  

2023 में दिवाली का शुभ मुहूर्त कब है?

दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा का प्रदोष काल शुभ मुहूर्त शाम 05.39 से रात 07.35 तक रहेगा। वृषभ काल का समय शाम 05:39 से रात 07:35 तक रहेगा। लक्ष्मी पूजा के निशिता काल का समय 12 नवंबर रात 11:39 से 13 नवंबर सुबह 12:32 तक रहेगा। सिंह लग्न का समय 13 नवंबर रात 12:10 से रात 02:27 तक रहेगा।

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा की विधि

Diwali के दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व है इस दिन संध्या और रात के समय शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी भगवान गणेश और माता सरस्वती जी की पूजा और आराधना की जाती है पुराणों के अनुसार कार्तिक अमावस्या की अंधेरी रात में मां लक्ष्मी स्वयं फूलों पर आपकी है और हर घर में विचरण करती हैं इस इस दौरान जिस घर में साफ सफाई और प्रकाशवान होता है वहां पर वह रुक जाती हैं इसलिए दीपावली के दिन साफ सफाई करके पूरे विधि विधान से पूजा करने से माता महालक्ष्मी जी की विशेष कृपा होती है लक्ष्मी पूजा के साथ-साथ कुबेर की पूजा की जाती है पूजा के समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  1. दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा करने से पहले घर की साफ सफाई करें! और पूरे घर के वातावरण को शुद्ध और पवित्र करने के लिए गंगाजल से छिड़काव करें! और इसके साथ ही घर के दरवाजे पर रंगोली और जियो से सजाएं।
  2. पूजा करने के स्थान पर एक चौकी रखें और लाल कपड़ा बिछाकर उस पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्ति को रखें और जल से भरा हुआ एक कलश रखें।
  3. लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्ति पर हल्दी कुमकुम का तिलक लगाएं दीपक जलाकर जान माला चावल फल गॉड हल्दी अबीर गुलाल आदि अर्पित करें और माता लक्ष्मी जी कि आराधना करें।
  4. और इसके साथ ही देवी सरस्वती भगवान विष्णु और कुबेर देव की पूजा करें।
  5. लक्ष्मी जी की पूजा पूरे परिवार को इकट्ठा होकर करना चाहिए।
  6. लक्ष्मी जी की पूजा करने के बाद तिजोरी बहीखाता और व्यापारिक उपकरणों की पूजा करें।

दिवाली पर क्या करें

  • दीपावली के दिन प्रातः काल के समय शरीर पर तेल लगा कर मालिश करें और इसके बाद स्नान करना चाहिए लोगों की मानता है कि ऐसा करने से धन की कमी नहीं होती है।
  • दीपावली के दिन बुजुर्गों और बच्चों को छोड़कर अन्य व्यक्तियों को भोजन नहीं करना चाहिए शाम को लक्ष्मी जी की पूजा करने के बाद ही भोजन ग्रहण करना चाहिए।
  • दिवाली से पहले मध्य रात्रि को स्त्री पुरुषों को गीत भजन और घर में उत्सव मनाना चाहिए लोगों का कहना है कि ऐसा करने से घर से दरिद्रता दूर होती है।

इन्हे भी जाने –

karva chauth date 2023 | karva chauth kab hai शुभ मुहूर्त 2023

christmas kyu manaya jata hai ? क्रिसमस कब और कैसे मनाया जाता है ?

Fake Call Kaise Kare । फेक नंबर से कॉल कैसे करे

छठ पूजा कब है । 2023 में छठ पूजा कब है

दिवाली की पौराणिक कथा

हिंदू धर्म के त्यौहार कई धार्मिक कहानियां जुड़ी हुई होती हैं दीपावली को लेकर भी पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं।

  1. भगवान श्री रामचंद्र जी 14 वर्ष का वनवास काटकर! कार्तिक अमावस्या के दिन लंकापति रावण का वध करके अयोध्या लौटे थे! इस दिन भगवान श्री रामचंद्र जी के अयोध्या लौटने की खुशी पर लोगों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था! तभी से दीपावली की शुरुआत हुई।
  2. एक अन्य कथा के अनुसार! नरकासुर नामक राक्षस ने अपने असुर शक्तियों से देवताओं और साधु-संतों को परेशान कर दिया था! इस राक्षस ने साधु संतों की 16000 स्त्रियों को बंदी बना लिया था नरकासुर के बढ़ते अत्याचारों से परेशान होकर देवताओं और साधु-संतों ने भगवान से मदद की गुहार लगाई इसके बाद भगवान श्री कृष्ण ने कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरकासुर का वध करके देवताओं और संतों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी साथ ही 16000 स्त्रियों को कैद से मुक्त कराया था इसी खुशी में दूसरे दिन कार्तिक मास की अमावस्या को लोगों ने अपने घरों में दिया जलाए थे तभी से नरक चतुर्दशी और दीपावली का त्यौहार मनाया जाने लगा।

दिवाली का ज्योतिष महत्व

दीपावली का! आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टिकोण से विशेष महत्व है! हिंदू शास्त्र में दिवाली को आध्यात्मिक अंधकार पर आंतरिक प्रकाश अज्ञान पर ज्ञान असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई का उत्सव कहा गया है।

पूछे जाने वाले प्रश्न

Diwali 2023 में दीपावली पूजन कब है?

2023 में दीपावली पूजन 12 नवंबर के दिन किया जाएगा।

दीपावली कौन से महीने में है?

इस वर्ष दीपावली का त्यौहार नवंबर महीने में है

दीपावली के दिन क्या देखना शुभ होता है?

दिवाली के दिन छिपकली, छछूंदर, उल्लू, बिल्ली को देखना बहुत ही शुभ माना जाता है। दिवाली की रात को यदि किसी व्यक्ति को इनमें से कोई एक भी जानवर को देख लेता है तो यह व्यक्ति के भाग्योदय का संकेत होता है।

क्यों और कैसे दिवाली मनाई जाती है?

दिवाली का त्यौहार श्री राम के 14 वर्षों बाद वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है लोग अपने घरों पर दीपक जलाकर घर को रोशन करते हैं लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं।

दीपावली के दिन क्या खाना बनाना चाहिए?

दिवाली के दिन कई तरह के स्वादिष्ट पकवान और मिठाई बनाये जाते हैं।

भारत में दीपावली कैसे मनाई जाती है?

दिवाली के दिन दीपक जलाया  जाता  हैं, घरों और मंदिरों में झालर लगायी जाती है, लोग माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं, दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने के लिए जाते हैं और इसके साथ ही  एक दूसरे को तोहफे देते हैं।

दीपावली पर हम क्या क्या करते हैं?

दीपावली पर हम अपने घरों को फूल, माला, रंगोली आदि से सजाते हैं, दिये जलाते हैं, पटाके जलाते है दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते हैं और उन्हें तोहफ़े देते हैं और तरह-तरह के स्वादिष्ट पकवान बनाते और खाते हैं।

Diwali मे लक्ष्मी मा को घर में कहाँ स्थापित करना आसान है?

Diwali मे लक्ष्मी मा को पूजा गृह मे स्थापित करना आसान है।

Diwali बिजली झालर का raw materials कहां मिलेगा?

Diwali बिजली झालर का raw materials आपके नजदीकी बाजार मे मिलेगा।

Diwali पूजन में लक्ष्मी मा के मुख का बतासा चींटा खा जाए तो क्या समझना चाहिए?

Diwali पूजन में लक्ष्मी मा के मुख का बतासा चींटा खा जाए तो शुभ संकेत समझना चाहिए।

कौन से fruit लाने चाहिए Diwali पूजा के लिये?

Diwali पूजा के लिये नारियल, सीघाड़ा, सेव, केला आदि fruit लाने चाहिए।

निष्कर्ष

हमने इस पोस्ट मे जाना की diwali kab hai 2023, दीपावली पूजन कब है? दीपावली कौन से महिने में है? सन 2023 में दिवाली कब है? 2023 में दिवाली का शुभ मुहूर्त कब है आशा करते है पोस्ट मे दी गई जानकारी आप के काम आएगी, यह पोस्ट आपको कैसा लगा कमेंट बॉक्स मे जाकर जरूर बताये और अपने दोस्तो के साथ शेयर करना ना भूलें।

धन्यवाद!

Share us friends

Leave a Comment