Kamal Ka Phool: जानें क्यो है हिन्दू धर्म मे महत्वपूर्ण और उपयोग

आज इस पोस्ट में Kamal ka phool के बारे में जानेंगे, यह फूल बहुत ही सुंदर होता है। कमल के फूल के बारे में आप लोग तो जानते ही होंगे, अगर नहीं जानते हैं तो इस पोस्ट में कमल के फूल का महत्व उपयोग के बारे मे बताया जाएगा। कमल फूल देखने में जितना सुंदर होता है, उतना ही इसके संपूर्ण भाग का उपयोग किसी ना किसी रूप में उपयोग किया जाता है और इसका उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर आयुर्वेद तक में किया जाता है।  आइए जानते हैं Kamal ka phool (lotus flower in hindi) के बारे में-

Kamal ka phool

Kamal ka phool (lotus flower in hindi)

कमल एक वानस्पतिक पौधा है जिसमें बहुत सुंदर फूल खिलते हैं Kamal ka phool भारत का राष्ट्रीय फूल है भारत सरकार द्वारा 15 जुलाई 2010 में कमल के फूल को राष्ट्रीय फूल घोषित किया था। 

 Kamal phool सफेद, गुलाबी और नीले रंग का होता है नीले रंग के फूल को नीलकमल कहा जाता है इसकी पत्तियां गोल बड़े-बड़े थाली के समान होता है कमल के फूल की डंडिया लंबी होती है और इन डंडियों की नसों में एक प्रकार का रेशा होता है जिसे निकालकर मंदिरों में जलाने के लिए बत्तियां बनाई जाती है। 

यह भारत में लगभग सभी भागों में पाया जाता है यह झील, तालाब, पोखर में होता है यह ज्यादातर गुलाबी, सफेद और नीले रंग का होता है लेकिन कहीं-कहीं पर पीले रंग का फूल भी देखने को मिलता है कमल की जड़े पानी के अंदर कीचड़ में रहती हैं इन जड़ों को कमल ककड़ी कहा जाता है और पत्ते पानी के ऊपर तैरते रहते हैं इन पत्तों को पुरइन कहते हैं कमल में फल भी लगते हैं जो छत्ते जैसा दिखाई देता है जिसे कमल गट्टा कहा जाता है। 

यह फूल कीचड़ में खिल कर भी सुंदर रहता है यह कीचड़ में रहकर भी स्वच्छ और सुंदर रहता है जहां पर ज्यादा कीचड़ और दलदल रहता है वहां पर उतनी ही अच्छी तरह से यह बड़ा होता है हमारा जीवन भी कुछ इसी तरह का है जो लोग सच्चे होते हैं उनकी बुराइयां लोग अक्सर किया करते हैं और जो बुरे होते हैं उनकी अच्छाइयां करते हैं Kamal ka phool हमें यह सिखाता है कि हमारे आसपास चाहे जितनी भी गंदगी और बुराई क्यों ना हो उनमें हमें अच्छाई को ही अपनाना चाहिए। 

कमल के फूल का अन्य भाषाओ मे नाम 

वानस्पतिक नाम – nelumbian nucifera (नेलुंबियन न्यूसीफेरा )

संस्कृत – कमल, पदमा, पंकज, सरोज, जलाल, जलजात, नीरज, वारिज, अंबुज, अरविंद, नलिन, तामरस, वनज

फारसी – नीलोफर

अंग्रेजी – (लोटस) lotus, सैक्रेड लोटस

चाइना – वाटरलिली, इजिप्शियन, पाइथागोरियन

कमल के फूल का महत्व

फूलों का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है जैसे केतकी का फूल और चमेली के फूल का बहुत महत्व दिया जाता है उसी प्रकार से हिंदू धर्म में कमल के फूलों को विशेष महत्व दिया जाता है क्योंकि पुराणों के अनुसार कमल का फूल भगवान विष्णु की नाभि से उत्पन्न हुआ है और कमल के फूल से ब्रह्मा जी की उत्पत्ति हुई है इस कमल के फूल में ब्रह्मा, माता लक्ष्मी और सरस्वती जी विराजमान रहती हैं। 

Kamal phool
kamal phool

कमल का फूल गुलाबी, सफेद और नीले रंग का होता है, यह फूल तालाबों, पोखर जहां पानी भरा रहता है और कीचड़ रहता है वहां पर खिलता है और यह वर्ष भर में सिर्फ एक बार ही खिलता है। कमल के फूल को कई प्रकार के यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा पाठ करने मे उपयोग किया जाता है। 

कमल का उपयोग

कमल के पौधे का सभी भाग उपयोग में लाया जाता है और इनको अलग-अलग नाम से जाया जाता है कमल के फूलों का उपयोग मुख्य रूप से पूजा पाठ करने और सिंगार करने में किया जाता है इसके पत्तों का उपयोग पत्तल के स्थान पर किया जाता है और इनके बीजों का उपयोग कई प्रकार की औषधियां बनाने व खाने के काम में लाया जाता है यह बहुत स्वादिष्ट होता है कमल के इन बीजों को कमल गट्टा कहते हैं इनके बीजों की माला भी बनाई जाती है कमल के जड़ को भी खाने के काम में लाया जाता है कमल के जड़ को कमल ककड़ी कहते हैं यह सफेद रंग का होता है और यह बहुत पौष्टिक होता है। 

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कमल के फूल में पाए जाने वाले तत्व

कमल के फूल में दो ऐसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं जो मस्तिष्क के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं एपोमॉर्फिन और न्यूसीफेरिन यह दिमाग को शांत रखने के लिए और तनाव, डिप्रैशन, एंजायटी जैसे लक्षणों को कम करने में सहायक होता है इनके अतिरिक्त कमल के फूल में विटामिन बी, सी, आयरन, फाइबर, जिंक, कॉपर जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं जो सेहत के लिए बहुत लाभदायक होते हैं आइए जानते हैं सेहत के लिए कैसे लाभदायक है। 

सेहत के लिए लाभ

  • यदि आपका दिमाग शांत नहीं रहता है तनाव व चिंता में रहता है तो आप कमल के फूल का उपयोग कर सकते हैं यह शरीर के ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है जिससे शरीर का तापक्रम सामान्य बना रहता है। 
  • कमल का तेल सर पर लगाने से एंजायटी, तनाव और डिप्रेशन को नियंत्रित करने में सहायक होता है। 
  • कमल का तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होता है जो दर्द को दूर करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। 
  • कमल का तेल लगाने से पुराने से पुराना दर्द, हड्डियों का दर्द, शरीर का दर्द मसाज करने से दूर हो जाता है। 
  • कमल का तेल बालों के लिए भी फायदेमंद होता है यह बालों को चमकदार सुंदर घना बनाते हैं। 
  • कमल के फूल में एंटी ऑक्सीडेंट होता है जो चेहरे के लिए बहुत फायदेमंद होता है यह त्वचा को सुंदर बनाने का काम करता है चेहरे की झुर्रियां, पिंपल्स, चेहरे के स्ट्रा तेल को दूर करती है। 

कमल का फूल के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न 

कमल का फूल किसका प्रतीक है?

कमल का फूल भारत का राष्ट्रीय फूल है कमल के फूल को प्राचीन भारत की कला और कथाओं में विशिष्ट स्थान है यह भारतीय संस्कृति का मांगलिक प्रतीक रहा है।

कमल के फूल का क्या महत्व है?

कमल के फूल को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है क्योंकि पुराणों के अनुसार कमल का फूल भगवान विष्णु की नाभि से उत्पन्न हुआ है कमल के फूल को यज्ञ धार्मिक अनुष्ठानों पूजा पाठ में उपयोग किया जाता है ।

कमल का दूसरा नाम क्या है?

कमल के फूल को संस्कृत में पंकज सरोज कमाल नीरज अरविंद पदमा फारसी में निलोफर अंग्रेजी में लोटस आदि नामों से जाना जाता है।

निष्कर्ष

इस पोस्ट में कमल का फूल के बारे में जानकारी दी गई है की यह हमारे लिए कितना उपयोगी और महत्वपूर्ण होता है, इसमे कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिए लाभदायक होते हैं। हमें उम्मीद है कि यह पोस्ट पढ़कर अच्छा लगा होगा कमेंट करके जरूर बताएं ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करें और ऐसे ही जानकारियां पाते रहने के लिए सब्सक्राइब जरूर करें। 

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