Philosophies of education in hindi

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Philosophies of education को समझने से पहले हम Philosophy को समझ लेते हैं। कि आखिर Philosophy का मतलब क्या होता है  किस तरह हम !अपनी जिंदगी जीते हैं, काम करते हैं, रहते हैं, किन मान्यताओं को मानते हैं यह सब हमारी Philosophy का हिस्सा है। Educational Philosophy का मतलब है कि कोई व्यक्ति या बच्चा किस तरह से यह सीखता है या Education लेता है। इसी तरह  physical education का मतलब है कि व्यक्ति या बच्चे कि Physical education किस तरह से होनी चाहिए।

Philosophies of education in hindi

कई बड़ी-बड़ी  famous personality ने अपनी-अपनी  philosophies दी है जो कई बार आपस में  contradict भी करती है उनके द्वारा दी गई Theory इस तरह है-

Famous Personality के द्वारा दी गई Theory

idealism  – Plato के द्वारा

Naturalism  –    Rousseau  के द्वारा

Realism    –    Aristotle  के द्वारा

Pragmatism –  John Dewey  के द्वारा

Existentialism –  kierkegaard के द्वारा

Humanism   –   petrarch  के द्वारा

आप कि जानकारी के लिए हम बता दें कि branches of philosophy मुख्य रूप से 3 प्रकार के होते है आइये अब इन सभी Famous Personality के द्वारा दी गई Theory को अब हम विस्तार से समझते हैं-

Idealism Philosophies of education

Idealism की Theory  Plato के द्वारा दी गई थी Idealism के  according reality  is  mental or  mentally constructed.  इसका मतलब यह होता है अपनी Life में हम जो कुछ देखते हैं या महसूस करते हैं यह सब हमारे दिमाग ने  create किया है हम जैसा खुद के या दुनिया के बारे में सोचते हैं वह वैसी ही बन जाती है। 

इस   philosophy के द्वारा हमारे विचार चीजों को जन्म देती है पहले कोई विचार हमारे दिमाग में आता है और फिर Reality में  convert हो जाता है इसलिए यहां इंसान चीजों से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। 

क्योंकि ! Idealism के द्वारा इंसान अपनी दुनिया की रचना अपने विचारों से करता है इसलिए Truth, beauty and goodness अच्छे विचारों को अपने दिमाग में लाना चाहिए। 

हमारा दिमाग ! हमारे जीवन में ! हो रहे ! हर गतिविधि हर चीज के केंद्र में होता है हमारे जीवन में हो रहे हर घटना को हमारे दिमाग में आ रहे विचार ही निर्धारित करते हैं। 

Naturalism Philosophies of education

Naturalism की Theory  ! Rousseau के द्वारा दी गई थी Based On its roots ward natural  Naturalism प्रकृति पर Based है इस Philosophy को ! Materialism भी कहा जाता है और यह अब तक की सबसे पुरानी Philosophy है इस  Philosophy के अनुसार  reality natural मतलब प्रकृति पर आधारित है प्रकृति सर्वोपरि है व्यक्ति Society से ज्यादा महत्वपूर्ण होता है और व्यक्ति  की  learning जो वह सीखता है वह  natural होनी चाहिए। 

हर  individual unique है और उसके सीखने का तरीका भी ! unique है और यह  learning natural ज्यादा अच्छे से कर सकती है इस  philosophy के अनुसार ! इंसान की  natural filo को  promote करना चाहिए और  learning में  competition को  avoid करनी चाहिए। 

Realism Philosophies of education

यह Theory अरस्तु ने दी थी अरस्तु प्लेटो के गुरु थे यह Philosophy idealisme की ही तरह मिलती जुलती है। 

यह Theory facts को Important मानती है इसके तहत चीजों को होने के लिए मानव दिमाग की आवश्यकता नहीं है यह  theory प्रकृति के सिद्धांत को मानती है और  scientific  methord  को मानव के भले के लिए महत्वपूर्ण मानती है। 

इसके According ! physical education learning process का  important part है जो इंसान में अच्छे  social behaviour और  life adjustment को विकसित करता है।

Pragmatism Philosophies of education

Pragmatism को ! अब तक की सबसे ज्यादा  inflation theory  मानी गई है यह theory ! हमारे experience  और experiment  पर आधारित है इसका मतलब है इंसान experiment  करके चीजों को खुद experience करके ज्यादा बेहतर सीखता है। 

इस theory  के according ! reality बस वही है जिसे आप experience  या experiment  कर सकते हैं जिसको आप experience  नहीं कर सकते उसका कोई वजूद नहीं है और वह real  नहीं है क्योंकि ! यह philosophy experience पर based है इसलिए इसे experimentalism  के नाम से भी जाना जाता है और यह theory ! John Dewey ने दी थी इसलिए इसे Deweyism भी कहा जाता है। 

यह theory  कहती है कि ! एक Indivisible  के experiences  उसके विकास के लिए responsible  है education  को बच्चों की capability  और interest  के हिसाब से होना चाहिए अलग-अलग action  से different  experiences होते हैं  जो कि ! ज्यादा meaningful learning promote करते हैं  बच्चे को अपनी समस्या खुद solve  करने के लिए promote  करना चाहिए ताकि ! बेहतर learning  हो सके। 

Existentialism Philosophies of education

Existentialism Theory ! kierkegaard ने दी थी जो कि ! individual  के Existensense  को Most important consider  करती है  इस theory  के according  हर individual important  है और उसे खुद को society के अनुरूप नहीं बनना चाहिए। 

एक individual  के पास freedom  के choice  के  साथ  साथ  variety of interest होने चाहिए  समाज के नियम के बजाय ! individual  का अपना जीवन मूल्यों का system  होना चाहिए। 

physical education programs और Sports participation individual  मैं creativity  विकसित करते हैं और खुद को ! ज्यादा अच्छे तरीके से समझ पाते हैं।

Humanism Philosophies of education

यह  Theory petrarch  ने दी थी जो ! Existentialism  से कुछ हद तक मिलती-जुलती है। 

यह Philosophy individual  के talent  और total fulfillment  को develop  करने की बात करती है। यह individual  के highest most need  जो  की self actualization   है  को  archive करने को  stress  करती है इस theory  के according educational curriculums इस तरह से होने चाहिए जो Students   centred  हो और उनके संपूर्ण विकास पर जोर दें। 

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निष्कर्ष 

हमने जाना Philosophies of education की सारी जानकारी  और साथ ही  physical education मे Philosophy का क्या  roll है हमारी   life मे Philosophy अकेला एक ऐसा शब्द है जो पूरी दुनिया को वर्णित करने की क्षमता रखता है

हमने अलग अलग   philosopher की  theory को भी यहां अच्छी तरह समझा जिससे यह बात साफ है कि इस दुनिया में हर एक चीज के मायने और उन्हें देखने के नजरिए का अध्ययन मौजूद है जिसे Philosophies of education के तहत अध्ययन किया जा सकता है उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी इसे अपने परिजनो को जरूर शेयर करे ।  

धन्यवाद !

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