What is ROM in hindi | ROM क्या है | ROM काम कैसे करता है और ROM के प्रकार

आज का हमारा विषय है What is ROM? ROM क्या है? जिसके बारे में आपने जरूर सुना होगा और आप में से बहुत से लोगों को इसके बारे में पता भी होगा कि इसका इस्तेमाल कहां और क्यों होता है लेकिन जिन्हें इसके बारे में पता नहीं है उन्हे अब पता चल जाएगा यहा दी गई जानकारी के माध्यम से और जिन्हें पता है उन्हें भी यह पढ़ना चाहिए। इससे आपका Knowledge और भी बढ़ जाएगा। अब हम  ROM के बारे में आपको जानकारी देने वाले हैं कि आखिर यह ROM होता क्या है और इसका कार्य क्या है और यह कितने प्रकार का होता है।

What is ROM | ROM क्या है?

ROM को Read only memory कहा जाता है जो केवल डेटा को Read करने के लिए होती है यह एक चिप के रूप में Computer के motherboard में लगाई जाती है जो data को स्थाई रूप से यानी Permanent Store करती है।

ROM एक Non volatile Memory होती है! मतलब जैसे कि! computer system की power supply बंद हो जाती है तो! ROM अपने चिप में Store हुई डाटा को नहीं खोती! ROM वह memory है! जिसमें कंप्यूटर के निर्माण के समय कंप्यूटर को start करने वाले प्राथमिक program और setting होती है! जो कंप्यूटर को Boot करने में मदद करती है।

Booting कंप्यूटर को शुरू करने की प्रक्रिया को कहा जाता है! इस मेमोरी में स्टोर किए गए प्रोग्राम परिवर्तित और नष्ट नहीं किए जा सकते उन्हें केवल Read किया जा सकता है इसीलिए यह मेमोरी read only memory कहलाती है।

ROM में स्टोर  programs को BIOS जिसे  Basic Input Output System कहा जाता है! ROM का प्रयोग कंप्यूटर में Firmware Software को स्टोर करने के लिए भी किया जाता है! Firmware Software को कंप्यूटर में उस समय Install किया जाता है।

इस सॉफ्टवेयर को हार्डवेयर को चलाने वाला सॉफ्टवेयर भी कहा जाता है और यही Firmware Software ROM में स्टोर किया जाता है जिसमें डिवाइस को एक दूसरे के साथ Communicate और Interact करने के interaction मौजूद रहते हैं। 

ROM का उपयोग कंप्यूटर के साथ-साथ अन्य बुनियादी Electronic devices जैसे! Washing machine, digital watch, video games, robot आदि में भी किया जाता है! ROM के अलावा कंप्यूटर मे RAM और Secondary memory का भी उपयोग किया जाता है।

Secondary memory की Data storage capacity Main memory की तुलना में बहुत अधिक होती है hard disk, CD drive, DVD, pen drive यह सभी सेकेंडरी मेमोरी होती है।

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ROM कैसे काम करता है?

ROM एक चिप के आकार की होती है! जो कि Motherboard और CPU से जुड़ी हुई  रहती है!  ROM का कार्य एक Storage के रूप में किया जाता है जिसके अंदर हम कोई भी Data save कर सकते हैं जैसे कि-  software, applications, documents, audio और video files ROM एक  permanent storage device है जिसमें से हम कभी भी डाटा को Access कर सकते हैं।

ROM हमारे कंप्यूटर या मोबाइल की  booting process और  system को start करने में हमारी मदद करता है! यह हमारी कंप्यूटर और मोबाइल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है! इसके बिना हम डाटा को स्टोर करके नहीं रख सकते हैं जब हम यह कंप्यूटर या मोबाइल On करते हैं तब! किसी software या application को चलाने के लिए System ROM application का  data access करता है! और फिर RAM की मदद से एप्लीकेशन काम करना शुरू करता है।

फिर जब हम एप्लीकेशन को बंद कर देते हैं तब उसका data वापस से  ROM में चला जाता है! और RAM से  data खाली हो जाता है! हम जितने भी Images, videos और  applications download और  install करते हैं वह सभी ROM में save होकर रहते हैं।

ROM कितने प्रकार की होती है

ROM को उसके Structure manufacturer और data मिटाने के अनुसार तीन हिस्सों में बांटा गया है PROM, EPROM, EEPROM तो आइए इनके बारे में हम आपको विस्तार से बताते हैं-

PROM

PROM को Programmable read only memory कहां जाता है यह एक मेमोरी चिप होती है जिसे OTP याने की One Time Programmable chip कहा जाता है क्योंकि इसमें डाटा को केवल एक बार ही Program किया जा सकता है उसके बाद इसमें Data को  Erase नहीं किया जा सकता User market से Blank यानि खाली PROM खरीदता है और उसके बाद उसमें जो interaction डालना चाहता है उसमें  डाल सकता है। 

इस मेमोरी में छोटे-छोटे फ्यूज होते हैं! जिनके अंदर Programming के जरिए interaction डाला जाता है जिसे दोबारा Update नहीं किया जा सकता! PROM में स्थाई रूप से डाटा को Write करने के लिए प्रोग्रामिंग को Burning कहा जाता है! और इसके लिए एक विशेष मशीन की आवश्यकता होती है जिसे PROM burner कहा जाता है PROM का उपयोग Digital devices में डाटा को हमेशा सुरक्षित करने के लिए किया जाता है। 

EPROM

EPROM को Erasable Programmable read only memory कहा जाता है! इस Chip पर Store की हुई  information को  ultraviolet race द्वारा 40 मिनट के लिए  light पास किया जाता है! तब जाकर इसकी मेमोरी को मिटाया जा सकता है इस ROM की खास बात यह है कि इसे हम आसानी से  Erase  भी कर सकते हैं और प्रोग्राम भी कर सकते हैं।

EPROM को Reprogramms भी किया जा सकता है! मतलब जिसमें डेटा को  Erase करने के बाद फिर से प्रोग्राम डाले जा सकते हैं! EPROM सस्ती और भरोसेमंद होती है EPROM में कुछ कमियां भी है जैसे कि! इसमें डाटा को Erase करने के लिए बिजली की खपत ज्यादा होती है  इसमें डाटा को मिटाने या दोबारा प्रोग्राम शुरू करने के लिए इसे कंप्यूटर से निकालना पड़ता है जब हम Ultraviolet race की मदद से डाटा को Delete करते हैं तो इसमें चिप का पूरा डाटा Delete हो जाता है।

Flash Memory/EEPROM

EEPROM को Electrically erasable Programmable read only memory कहां जाता है! यह एक Unchanging memory यानी अपरिवर्तनशील मेमोरी है! क्योंकि इसमें भी  डाटा को स्थाई रूप से स्टोर किया जाता है  Flash मेमोरी को Electrical signal यानी बिजली की मदद से स्थाई डाटा को हटाया जा सकता है।

इस प्रकार की मेमोरी का उपयोग Digital camera और MP3 player मे होता है! EEPROM को Hybrid  मेमोरी भी कहा जाता है क्योंकि यह RAM के समान  डाटा को Read  और Write करता है लेकिन! ROM के सामान डाटा को स्टोर करके रखता है! यह RAM और ROM दोनों का एक मिश्रण है! EPROM कि तरह इस ROM को डाटा को मिटाने के लिए कंप्यूटर से बाहर निकालना पड़ता है! और साथ ही इसमें हम चुने हुए डाटा को भी Delete कर सकते हैं! जो कि हम EPROM  में नहीं कर पा रहे थे क्योंकि वहां पर पूरा चिप का डाटा Delete हो जाता है! EEPROM में प्रोग्राम करना आसान है और इसमें अनगिनत बार  Reprogram किया जा सकता है।

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Advantages of ROM

1.   System software या Firmware  software को  Store करने के लिए किया जाता है।

2.  ROM, RAM से बहुत सस्ता होता है और इसके मुकाबले काफी ज्यादा साइज में भी उपलब्ध रहता है। 

3.  ROM  का डाटा अपने आप नहीं बदलता इसमें सिर्फ डाटा को Read किया जा सकता है! अगर हम चाहे तो उसने कोई नया डाटा जोड़ नहीं सकते क्योंकि इसमें developer या programmer द्वारा एक ही बार  डाटा को  Write किया जाता है।

4.  ROM  non-Volatile प्रकृति का है! जो की प्रोग्राम को स्थाई बनाए रखता है! जिससे कि कंप्यूटर के बंद होने से भी हमारा डाटा सुरक्षित और एक लंबे समय तक बना रहता है।

5.  ROM कंप्यूटर के दूसरे मेमोरी RAM से अधिक भरोसेमंद है क्योंकि RAM में डाटा तब तक रहता है जब तक कंप्यूटर में Power supply रहती है। 

6.  ROM में बहुत ही सोच समझकर Programs या  instructions डाले जाते हैं क्योंकि इसे हम बार-बार नहीं बदल सकते।

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ROM क्या है ?

ROM एक Non volatile Memory होती है! मतलब जैसे कि! computer system की power supply बंद हो जाती है तो! ROM अपने चिप में Store हुई डाटा को नहीं खोती! ROM वह memory है! जिसमें कंप्यूटर के निर्माण के समय कंप्यूटर को start करने वाले प्राथमिक program और setting होती है! जो कंप्यूटर को Boot करने में मदद करती है।

ROM का फुल फार्म क्या होता है ?

ROM का फुल फार्म Read only memory होता है rom केवल डेटा को Read करने के लिए होती है।

रोम काम कैसे करता है?

ROM का कार्य एक Storage के रूप में किया जाता है जिसके अंदर हम कोई भी Data save कर सकते हैं जैसे कि-  software, applications, documents, audio और video files ROM एक  permanent storage device है जिसमें से हम कभी भी डाटा को Access कर सकते हैं।

निष्कर्ष

What is ROM? ROM क्या है? यह कैसे काम करता है और यह कितने प्रकार का होता है इससे जुड़ी सारी जानकारी आपको मिल गई होंगी हमारी हमेशा से यही कोशिश रहती है कि आपको पूरी जानकारी प्राप्त हो सके ताकि आपको कहीं और जाना ना पड़े। यहाँ दी गई जानकारी आप को कैसी लगी कमेंट कर जरूर बताए अपने दोस्तो को share करे और भी एसे आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्स्क्रिब करें। 

धन्यवाद!

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