What is Bandwidth | बैंडविड्थ क्या है? परिभाषा और अन्य जानकारी (सिर्फ 5 मिनट मे)

इंटरनेट हमारी जीवन का एक ऐसा जरूरी हिस्सा बन गया है जैसे लोगों से communicate करना, घूमना-फिरना आदि आज हमारी छोटी से छोटी जरूरत को पूरा करने के लिए इंटरनेट की  आवश्यकता पड़ती है इंटरनेट एक बहुत बड़ा इलेक्ट्रॉनिक मकड़जाल है जो कि वायरलेस और वायर दोनों तरह का होता है दोनों ही परिस्थितियों में इंटरनेट का उपयोग करते हुए हम एक शब्द का अक्सर ही इस्तेमाल करते हैं वह है Bandwidth. 

bandwidth

 

हममे से बहुत से लोग नहीं जानते हैं कि Bandwidth आखिर होता क्या है इसका क्या काम है इसे उपयोग कैसे करते हैं और इसकी क्या आवश्यकता है तो आइए आज हम यहां इसे जानेंगे कि Bandwidth क्या है?

Bandwidth definition

एक सुनिश्चित समय में कितना डाटा एक जगह से दूसरे जगह पर पहुंचाया गया है इसके मापने की विधि को Bandwidth कहते हैं  अक्सर Bandwidth को बाइट्रेट के रूप में बतलाया जाता है और इसे Bits per second में मापा जाता है Bandwidth शब्द किसी कनेक्शन की संचरण क्षमता तथा अर्थात transmission capacity को बतलाता है जब इंटरनेट कनेक्शन की शुद्धता और तेजी की बात आती है तो यह एक महत्वपूर्ण कारक है। VPN – Virtual Private Network

Bandwidth

कंप्यूटर में इंटरनेट के अलावा! कई अतिरिक्त तकनीकी क्षेत्रों में Bandwidth का प्रयोग किया जाता है! जैसे कि-  सिगनल प्रोसेसिंग के क्षेत्र में इसका इस्तेमाल ट्रांसमिशन के ऊपर और नीचले आवर्तियों frequncy के बीच के! अंतर को बताने के लिए होता है! यह ट्रांसमिशन रेडियो का भी हो सकता है। 

अक्सर ऐसी परिस्थिति में इसे Hartz में मापा जाता है! उदाहरण के तौर पर पाइप से बहने वाले पानी को मापने के संदर्भ में भी बैंडविड्थका प्रयोग होता है! ऐसी स्थिति में प्रति सेकेंड बिट्स की जगह गैलन प्रति मिनट की दर से इसे मापा जाता है जैसे कि Bandwidth को मूल रूप से Bits per second  मे मापा जाता है और इसे BPS के रूप में दर्शाया जाता है। 

वैसे तो आजकल बैंडविड्थ को सुस्पष्ट कर पाना बहुत ही आसान हो गया है! आजकल नेटफेक्स बहुत ही अधिक Bandwidth capacity वाले होते हैं! इनकी छोटी इकाइयों का उपयोग करके सरलता से व्यक्त किया जा सकता है! अब मैट्रिक्स के बड़े नंबर्स को देखना आम हो गया है जैसे कि MBPS (Megabits per second), GBPS (Gigabits per second)  या TBPS (Terabytes per second) के रूप में होता है और Terabytes के बाद Petabit, Exhibit, Zeitabit, Yotabit आते हैं जिसमें प्रत्येक 10 के अतिरिक्त पावर का प्रतिनिधित्व करते हैं। Internet service provider (ISP)

Bandwidth Test

बैंडविड्थ को मापने के कई अलग-अलग तरीके हैं! आमतौर पर बैंडविड्थ को मापने के लिए सॉफ्टवेयर या फेमवेयर और एक नेटवर्क इंटरफ़ेस का उपयोग किया जाता है! उदाहरण के लिए सामान्य बैंडविड्थ मापन में TTCP और PRTG  नेटवर्क मॉनिटर टेस्ट का उपयोग शामिल है TTCP दो हार्ट्ज़ सेंड और रिसीवर के बीच IP network पर प्रवाह क्षमता को मापता है अर्थात दोनों network के बीच कितनी गति से संपर्क हो रहा है इसको मापता है। 

दोनों हार्ट्ज़ एक तरफ की यात्रा करने में लगे बाइट्स की संख्या और कुल समय को प्रदर्शित करते हैं! PRTG का उपयोग लंबे अंतराल को मापने के लिए किया जाता है! यह ग्राफिकल इंटरफेस और चार्ट के जरिए बैंडविड्थ को दर्शाता है! साथ ही विभिन्न इंटरफ़ेस के बीच के ट्रैफिक को भी मापता है आमतौर पर बैंडविड्थ को मापने के लिए एक विशिष्ट अवधि के दौरान भेजे गए और प्राप्त किए गए ट्रैफिक के कुल मात्रा को गिना जाता है! परिणाम स्वरूप इसे प्रति सेकंड माप संख्या के रूप में व्यक्त किया जाता है। Internet Of Things (IOT)

बैंडविड्थ को मापने का दूसरा तरीका यह है कि! यह निश्चित साइज के फाइलों को ट्रांसफर किया जाए और देखा जाए कि ट्रांसफर में कुल कितना समय लग रहा है! इसके बाद परिणाम को Bits per second में परिवर्तित किया जाता है! जिसके लिए फाइल के साइज को टोटल लगे समय से भाग दिया जाता है! अधिकतर computer में internet speed test करने के लिए इसी विधि का प्रयोग किया जाता है। 

Bandwidth Check

टेलीकम्युनिकेशन सेंसर को Bandwidth का कहां कहां और किस किस एप्लीकेशन में इस्तेमाल होना है! और उसके लिए कितना Bandwidth लगेगा इसका पता लगाना होता है इसके लिए दो तरीके हैं-

  1. पहले तो वह पता लगाती है कि! कितना बैंड वर्क नेटवर्क उपलब्ध है इसे बिट्स पर सेकंड में ही व्यक्त किया जाता है।
  2. एक एप्लीकेशन को औसत कितने Bandwidth की जरूरत है यह तय किया जाता है यह भी बिट्स पर सेकंड में ही व्यक्त होता है।

Bandwidth नेटवर्क जितना बड़ा होगा उससे एक बार में उतना ही अधिक डाटा भेज व प्राप्त कर सकते हैं बैंडविड्थ काम कैसे करता है इसका अंदाजा इस उदाहरण से लगाया जा सकता है एक पानी का पाइप जितना बड़ा होगा उसमें से उतना ही अधिक पानी बह सकेगा Bandwidth इसी सिद्धांत पर काम करता है कि नेटवर्क जितना बड़ा कम्युनिकेशन लिंक होगा वो एक सेकंड में उतना ही अधिक डाटा ट्रांसफर कर सकेगा।

Bandwidth V/s Speed

बैंडविथ और स्पीड में कई बार कन्फ्यूजन हो जाता है! बैंडविड्थ से मतलब है कितनी इंफॉर्मेशन आपने 1 सेकंड में पा ली है जबकि स्पीड का मतलब है कि कितनी तेज गति से इस इंफॉर्मेशन को डाउनलोड या प्राप्त किया गया है इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं मान लीजिए हमें पानी से एक बाल्टी भरनी है इसे भरने के लिए हम चौड़े मुंह वाले नल का उपयोग करते हैं तो बाल्टी जल्दी भर जाएगी बजाय पतले नल के। 

इसमें बैंडविड्थ को आप पानी समझिए और जिस गति से पानी बाल्टी में जा रहा है उसे स्पीड समझिए! Bandwidth और speed की इस कंफ्यूजन को दूर करने के लिए स्पीड को नेटवर्क स्पीड कहा जाता है! ना कि Bandwidth speed. 

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बैंडविड्थ को क्यों मापा जाता है

कई कारणों से Bandwidth को मापने की जरूरत होती है मान लीजिए आप ने इंटरनेट कनेक्शन किसी कंपनी से खरीदा अब आपको यह जांचना होता है कि जितनी इंटरनेट स्पीड का वादा हमें किया गया था वह पूरा हो भी रहा है या नहीं तब हमें Bandwidth को मापने की जरूरत पड़ती है ऑनलाइन Bandwidth टेस्ट के लिए DSL रिपोर्ट स्पीड टेस्ट का प्रयोग किया जाता है यह देखने के लिए कि कंपनी ने जिस 40 MBPS का वादा किया है और जिसके लिए उन्होंने रुपया लिया है वह पूरा हो भी रहा है या नहीं। 

दूरसंचार कंपनियों से सबसे अधिक बैंडविड्थ खरीदी जाती है! अधिकांश Bandwidth को Up to कह कर बेचा जाता है जैसे up to 40 Mbps जिसका मतलब है ग्राहक को 40 Mb पर सेकंड की speed मिल सकती है! लेकिन कनेक्शन का उपयोग करते समय हमेशा यही speed रहे यह जरूरी नहीं! अलग-अलग समय पर या अलग-अलग परिस्थितियों में speed ज्यादा या कम हो सकती है। 

How to increase बैंडविड्थ

Bandwidth जो कि communication का बड़ा साधन है! आमतौर पर महीने के हिसाब से बेचा जाता है subscriber महीने के हिसाब से अपना प्लान चुनता है हालांकि लोग अब अपने जरूरत से ज्यादा Bandwidth लेने के लिए इसे अलग से भी खरीदते हैं ऐसे बैंडविड्थ को Bandwidth on demand कहा जाता है लोग अपनी जरूरतों के हिसाब से इसे extra खरीदते हैं Bandwidth on demand एक ऐसा तरीका है जिससे आप बिना किसी बाधा के अपना काम कर सकते हैं इंटरनेट पर खूब ट्राफिक होने के बाद में भी। 

Bandwidth on demand का इस्तेमाल ज्यादातर Wide Area Network (WAN) में किया जाता है! ताकि किसी जरूरी मौके पर बैंडविड्थ की क्षमता बढ़ाई जा सके इस तरीके का इस्तेमाल करके एक शेयर टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क पर बैंडविड्थ की क्षमता बढ़ाई जा सकती है! subscriber केवल उतने का ही भुगतान करता है जितना उसने इस्तेमाल किया है! ज्यादातर सर्विस प्रोवाइडर इस सुविधा को अपने उपभोक्ता को देते हैं वह जो नेटवर्क लिंक subscriber को देते हैं! उसमें extra Bandwidth का option होता है। 

कस्टमर जितना बैंडविड्थ इस्तेमाल करता है वह उतना ही रुपया देता है! उदाहरण के लिए किसी ने 100  MBPS का connection लिया लेकिन! उस connection में 1 GB तक इस्तेमाल करने की क्षमता है कस्टमर चाहे तो 100 MB से अधिक इस्तेमाल कर सकता है कई बार service provider extra Bandwidth बिना किसी चार्ज के भी दे देता है। 

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बैंडविथ से आप क्या समझते हैं?

एक सुनिश्चित समय में कितना डाटा एक जगह से दूसरे जगह पर पहुंचाया गया है इसके मापने की विधि को Bandwidth कहते हैं  अक्सर Bandwidth को बाइट्रेट के रूप में बतलाया जाता है और इसे Bits per second में मापा जाता है Bandwidth शब्द किसी कनेक्शन की संचरण क्षमता तथा अर्थात transmission capacity को बतलाता है जब इंटरनेट कनेक्शन की शुद्धता और तेजी की बात आती है तो यह एक महत्वपूर्ण कारक है।

बैंडविड्थ क्या है इसे कैसे मापा जाता है

एक सुनिश्चित समय में कितना डाटा एक जगह से दूसरे जगह पर पहुंचाया गया है इसके मापने की विधि को Bandwidth कहते हैं।
बैंडविड्थ को मापने के कई अलग-अलग तरीके हैं! आमतौर पर बैंडविड्थ को मापने के लिए सॉफ्टवेयर या फेमवेयर और एक नेटवर्क इंटरफ़ेस का उपयोग किया जाता है! उदाहरण के लिए सामान्य बैंडविड्थ मापन में TTCP और PRTG  नेटवर्क मॉनिटर टेस्ट का उपयोग शामिल है TTCP दो हार्ट्ज़ सेंड और रिसीवर के बीच IP network पर प्रवाह क्षमता को मापता है अर्थात दोनों network के बीच कितनी गति से संपर्क हो रहा है इसको मापता है। 

उम्मीद है आपको बैंडविड्थ से जुड़े सारे सवालों के जवाब मिल गए होंगे! और Bandwidth के प्रति एक अच्छी खासी समझ बन गई होगी! इसे अपने परिजनों से भी सांझा करें, जानकारी कैसी लगी कमेंट कर के बताए और भी ऐसी जानकारी के लिए सबस्क्राइब करना न भूले। 

धन्यवाद!

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