What is Database | डेटाबेस क्या है ? परिभाषा, प्रकार और अन्य जानकारी

आज का दौर डिजिटल चीजों का दौर है! हम प्रतिदिन जो भी दैनिक कार्य करते हैं वह अनेक चीजें अब हम कंप्यूटर या फिर मोबाइल फोन के माध्यम से ही करते हैं जैसे मैसेज, ईमेल, न्यूज़पेपर, बुक्स, नोवेल्स, ऑनलाइन शॉपिंग, टिकिट बुक करना आदि।पहले सभी काम पेपर वर्क में होता था हम घर या ऑफिस की अलमारी, रैक  इन सभी चीजों में रिकार्ड स्टोर करके रखते थे।

database

 

डाकुमेंट को इस तरह क्रमानुसार स्टोर करके रखा जाता था जिसे जरूरत पड़ने पर आसानी से ढूंढा जा सकता था लेकिन अब वह जमाना गया जिन कामों में हमें कागज की जरूरत पड़ती थी अब उसकी जगह हम कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं डॉक्यूमेंट को अब टेबल या अलमारी में नहीं बल्कि कंप्यूटर और इंटरनेट में स्टोर कर के रखा जाता है कंप्यूटर में इन सभी डाटा को सीरियल वाइज तरीके से रखा जाता है जिसे हम Database कहते हैं।

अगर आपने computer के बारे मे थोड़ा भी पढ़ा होगा तो आपने Database का नाम  जरूर सुना होगा! जहां data को सही और सुरक्षित तरीके से रखा जाता है! अगर आप डेटाबेस के बारे में कुछ भी नहीं जानते है तो! आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि! आज हम आपके लिए  लेकर आए हैं डेटाबेस से जुड़ी सभी जानकारियां! जिसे यहा पढ़ कर आप को Database से सभी जानकारियां मिल जाएगी।

Database Meaning

डेटाबेस जानकारियों का संग्रहालय है! जहां चीजों से संबंधित जानकारी का संकलन करके रखा जाता है! Data किसी भी information का एक हिस्सा होता है! यह किसी व्यक्ति वस्तु या स्थान से जुड़ा हुआ होता है जैसे नाम, ऊंचाई, वजन, मोबाइल नंबर, घर का पता, व्यवसाय आदि! जब इन Data को एक साथ organize किया जाता है! तो वह इंफॉर्मेशन बन जाता है और इंफॉर्मेशन के समूह से Database बनता है। Virtual Memory

Database Definition

डेटाबेस जानकारियों का संग्रहालय है जहां चीजों से संबंधित जानकारी का संकलन करके रखा जाता है इसे अगर किताबी भाषा में बताएं तो “Database is a collection of related data or information that is stored in a computer system.” Data किसी भी information का एक हिस्सा होता है। 

यह किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान से जुड़ा हुआ होता है। जैसे नाम, ऊंचाई, वजन, मोबाइल नंबर, घर का पता, व्यवसाय आदि। Database का उपयोग अब हर जगह पर होता है या यह भी कह सकते हैं कि डेटाबेस के बिना इंटरनेट कुछ भी नहीं है।

यह सब किसी व्यक्ति से जुड़े कुछ डाटा है! डाटा कई प्रकार के रूप में अलग अलग हो सकते हैं जैसे text, इमेज Graph ग्राफ, फाइल आदि! जब इन Data को एक साथ organize किया जाता है तो वह इंफॉर्मेशन बन जाता है और इंफॉर्मेशन के समूह से Database बनता है। 

Database में डाटा और इंफॉर्मेशन को ऑर्गेनाइज करके रखा जाता है जिसमें जरूरत पड़ने पर इंफॉर्मेशन को आसानी से एक्सेस, मैनेज, और अपडेट किया जाता है साथ ही साथ यह डाटा शेयरिंग और सिक्योरिटी का भी नियंत्रण करता है।

Database 

Database मे  इंफॉर्मेशन को स्टोर करने के लिए कुछ सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है! जैसे- MS Excel इसमें सारे डेटा को इनपुट करने के बाद कंप्यूटर के Hard disk में स्टोर किया जाता है! MS Excel में डाटा स्टोर करने के लिए एक table का उपयोग करते हैं जिसे हम अलग-अलग कई सारे column और row में Divide करते हैं। 

ताकि हम आसानी से इसमें डाटा डाल सकें और जरूरत पड़ने पर इन्हें Access यानी प्राप्त और Modify यानी बदलाव कर सकें। ठीक उसी तरह Database में भी डाटा एक table में स्टोर किया जाता है जिनमें कई सारे Columns और Row होते हैं जिनकी वजह से उन्हें Access करना आसान हो जाता है एक डाटा के अंदर ऐसे कई सारे टेबल हो सकते हैंBlock chain

इंटरनेट पर मौजूद कई सारी वेबसाइट हैं जो Database का उपयोग करती है! उदाहरण के लिए आप Facebook को ही देख लीजिए जिसमें  user के बारे में डाटा जैसे कि! उसका नाम, मोबाइल नंबर, प्रोफाइल पिक्चर, फ्रेंड्स, इमेजेस, पोस्ट, मैसेजेस आदि सभी  detail server पर उपस्थित Database में ही स्टोर रहते हैं। 

अगर हम अपने Facebook account किसी एक person की जानकारी को पाने के लिए सर्च करते हैं! तब  Facebook के डाटा से हमें उस person की सारी जानकारी मिल जाती है! इसी तरह और कई बड़े-बड़े Government, private, और personal website है जो Database का इस्तेमाल करती है।

दोस्तों आजकल ऑनलाइन बैंकिंग, ऑनलाइन टिकट रिजर्वेशन जैसी सुविधा मैं Database का खास योगदान होता है! इनके तहत सारी जानकारियां Database में स्टोर रहते हैं जिन्हें अपनी सुविधानुसार Access किया जाता है जैसे कि आपके बैंक अकाउंट को आप कहीं भी हो अपने मोबाइल से या कंप्यूटर की मदद से उसे  access कर आवश्यक सूचना प्राप्त कर सकते हैं।

डेटाबेस Elements

किसी भी Database के मुख्य तीन एलिमेंट्स होते हैं! फील्ड, रिकॉर्ड और टेबल उदाहरण के लिए हम एक ही स्कूल के बच्चों के लिए स्टूडेंट टेबल बनाएंगे जिसमें अलग-अलग क्लास के  बच्चों के नाम विषय और मार्क्स का डाटा रहेगा जैसे कि-

S.No. Name Class Subject Marks
1 Reetu 8 Hindi 84
2 Sujeet 10 Math 70
3 Anuj 11 English 68
4 Puneet 12 Chemistry 55
5 suneeta 12 Biology 80


अब जानते हैं फील्ड के बारे में! किसी भी Database के कॉलम को फील्ड कहा जाता है जैसे ऊपर दिए गए स्टूडेंट टेबल में जो कॉलम है! Serial number, name, class, marks इन सब को फील्ड कहते हैं! और अब जानते हैं रिकॉर्ड के बारे में किसी भी टेबल के Row को हम रिकॉर्ड्स कहते हैं! जैसे स्टूडेंट टेबल में 1, 2, 3, 4 और 5 Row दिए गए हैं जिनमें स्टूडेंट के  name, class, marks और Subject का डाटा भरा हुआ है इन्हें records कहते हैं! टेबल, फील्ड और रिकॉर्ड से मिलकर कंप्यूटर टेबल बनता है! इस टेबल में कई सारे अलग-अलग लेकिन एक दूसरे से संबंधित डाटा एंट्री किए जाते हैं। 

Database Management System

Database मैनेजमेंट सिस्टम जिसे हम DBMS भी कहते हैं यह एक सॉफ्टवेयर है जिसके जरिए यूजर Database को क्रिएट डिफाइन और  मेंटेन और कंट्रोल करता है DBMS के उदाहरण है MYSQL, Microsoft Office Access, ORACLE, Visual FoxPro 9, DBD, DBMS का इस्तेमाल आमतौर पर डेटाबेस को maintain करने के लिए किया जाता है मतलब आप डाटा को डाटा बेस पर edit, insert, access,delete और Update कर सकते हैं उदाहरण के लिए जैसे – आपने एक डेटाबेस बनाया स्टूडेंट टेबल अब इसमें आपको स्टूडेंट्स की डिटेल को ऐड करना है तो आप access कर के ऐड कर सकते हैं। ROM

अगर जाने अनजाने आपने गलत डाटा डाल दिया तो आपको स्टूडेंट Detail में सुधार करना होगा तो आप यह edit के जरिए कर सकते हैं। कुछ दिन के बाद आपको पता चला कि किसी स्टूडेंट का डाटा पूरा गलत है तो आपको उसे delete  करना पड़ेगा। किसी स्टूडेंट के  रोलनंबर से उसके नाम और एड्रेस पता करना है तो Database से आप प्राप्त कर सकते हैं जिसे access कहते हैं। जो डाटा पहले से ही मौजूद है और उसमें आप बदलाव कर रहे हैं तो उसे Update कहते हैं।  तो दोस्तों यह सारा  काम DBMS सॉफ्टवेयर Database के जरिए किया जाता है।

Database Types

Database में डाटा को कैसे Store, Organised किया गया और इसका  structure कैसा होना चाहिए यह  data model से पता चलता है इससे यह भी पता चलता है की डेटाबेस डाटा एक दूसरे से किस प्रकार जुड़े रहते हैं और उनके बीच में संबंध  कैसा है  तीन तरह के डाटा बेस मॉडल होते हैं

  1. Hierarchical model
  2. Network model
  3. Relational model

1. Hierarchical model – इस प्रकार के Database में डाटा टेबल के साथ  Tree structure के रूप में  व्यवस्थित किया जाता है इस मॉडल में रिकॉर्ड्स को आपस में जोड़ ने के लिए  tree structure को follow किया जाता है यहां पर संबंध को  child और  parent के रूप में दिखाया जाता है उदाहरण के लिए एक कॉलेज में बहुत सारे Courses  professor और  students होते हैं तो कॉलेज एक parent हुआ और  professor और students उसके child हुए।

2. Network model – इस प्रकार के Database में डाटा को रिकॉर्ड के रूप में दर्शाया जाता है और डेटा के बीच संबंध लिंक के रूप में दर्शाया जाता है यह मॉडल काफी Powerful है लेकिन  complicated भी है क्योंकि इसमें बहुत सारे  notes या Tables आपस में लिंक होकर रहते हैं।

3. Relational model – यह मॉडल Powerful और  simple है इस मॉडल का  structure टेबल जैसे ही होता है टेबल को Database की भाषा में Relation कहा जाता है इसलिए इसका नाम भी  relation model है यह टेबल जैसा होता है इसलिए इसमें  Row और Column होते हैं इस मॉडल में Unique field को  key कहते हैं और इन key के जरिए टेबल्स को आपस में कनेक्ट किया जाता है जैसे एक स्टूडेंट स्टूडेंट टेबल में रोल नंबर प्राइमरी की होती है जिसमें डेटा को  खोजना बहुत ही आसान होता है। 

Database Language

Data Definition Language (DDL) – Database को परिभाषित करने के लिए जिस भाषा का उपयोग करते हैं उसे DDL कहते हैं! DDL में Create, Drop, Rename, Comment, Truncate करने वाली सभी कमांड शामिल हैं। 

Data Manipulation Language (DML) – यह वह भाषा है जो उपयोगकर्ता को डाटा एक्सेस या मैनिपुलेट करने देती है और यही DML कहलाती है।  DML में Select, Insert, Update, Delete, Merge, Call, Explain plan, Lock table कमांड शामिल है। 

 Data Control Language (DCL) – यह वह भाषा है जिसमें Database कंट्रोल किया जाता है और इसे DCL डाटा कंट्रोल लैंग्वेज कहते हैं।  DCL में Commit, Rollback, Savepoint, Transaction यह सारे कमांड शामिल है।

Transaction Control Language (TCL) – Database पर ऑपरेशन कार्यान्वयन की होने वाली प्रक्रिया ट्रांजैक्शन कहलाती है और इस Database पर ट्रांजैक्शन कार्यान्वयन करने के लिए जिस भाषा का उपयोग होता है उसे TCL कहा जाता है जो Grant, Revoke के तौर में काम करते हैं।

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 Advantage 

  1. Database के जरिए कम जगह में भी ज्यादा डाटा स्टोर किया जा सकता है।
  2. किसी भी जानकारी को आसानी से Access किया जा सकता है।
  3. नए डाटा को Insert करना पुराने डाटा को  edit करना और delete करना आसान होता है।
  4. डाटा को अलग-अलग प्रकार से स्टोर किया जा सकता है।
  5. एक ही डेटाबेस को कई सारे यूजर्स एक साथ एक्सेस कर सकते हैं।
  6. पेपर, फाइल की तुलना में अधिक सिक्योरिटी प्रदान करता है क्योंकि यहां बिना इजाजत के कोई भी डेटाबेस को एक्सेस नहीं कर सकता।
  7. Redundancy को कम करता है एक ही तरह के डाटा का बहुत सारी जगह duplication को हम Data Redundancy कहते हैं यानी कि जिस डाटा को एक से अधिक बार दिया गया हो उसे Database से हटा दिया जाता है।
  8. Backup आर और Recovery  जैसे सुविधाएं प्रदान करता है डेटाबेस Failure जैसी समस्याएं कभी भी हो सकती है ऐसे समय में यदि डाटा को Recover नहीं किया गया तो बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है इसलिए DBMS Software Backup आर और Recovery  की सुविधा देता है।

डेटाबेस के प्रकार क्या है?

तीन तरह के डाटा बेस मॉडल होते हैं-
Hierarchical model
Network model
Relational model

डेटाबेस से क्या लाभ है?

1. Database के जरिए कम जगह में भी ज्यादा डाटा स्टोर किया जा सकता है।
2. किसी भी जानकारी को आसानी से Access किया जा सकता है।
3. नए डाटा को Insert करना पुराने डाटा को  edit करना और delete करना आसान होता है।
4. डाटा को अलग-अलग प्रकार से स्टोर किया जा सकता है।
5. एक ही डेटाबेस को कई सारे यूजर्स एक साथ एक्सेस कर सकते हैं।
6. पेपर, फाइल की तुलना में अधिक सिक्योरिटी प्रदान करता है क्योंकि यहां बिना इजाजत के कोई भी डेटाबेस को एक्सेस नहीं कर सकता।

डेटाबेस कैसे काम करते हैं?

Database में डाटा एक table में स्टोर किया जाता है जिनमें कई सारे Columns और Row होते हैं जिनकी वजह से उन्हें Access करना आसान हो जाता है एक डाटा के अंदर ऐसे कई सारे टेबल हो सकते हैं।
इंटरनेट पर मौजूद कई सारी वेबसाइट हैं जो Database का उपयोग करती है! उदाहरण के लिए आप Facebook को ही देख लीजिए जिसमें  user के बारे में डाटा जैसे कि! उसका नाम, मोबाइल नंबर, प्रोफाइल पिक्चर, फ्रेंड्स, इमेजेस, पोस्ट, मैसेजेस आदि सभी  detail server पर उपस्थित Database में ही स्टोर रहते हैं। 

Conclusion

Database का उपयोग अब हर जगह पर होता है या यह भी कह सकते हैं कि डेटाबेस के बिना इंटरनेट कुछ भी नहीं है Database का प्रयोग बैंकिंग, रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम, एयरलाइंस, लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, सोशल मीडिया साइट्स जैसे फेसबुक, टि्वटर, ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स जैसे अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, मिलिट्री, गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन इत्यादि। 

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उम्मीद है कि Database से जुड़ी सभी जानकारी आपको मिल गई है और इन जानकारियों से Database के प्रति आपकी एक अच्छी समझ बन गई होगी इस जानकारी को अपने परिजनों से शेयर जरूर करें, जानकारी कैसी लगी कमेंट करे और भी ऐसी जानकारी के लिए सबस्क्राइब करना न भूलें। 

धन्यवाद!

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